Nakali Thyagdar नकली ठ्यग्दार

नकली ठ्यग्दार

भस्म लगयीं भस्मासुरू,
अर धुनि रमीं च मंडाँण।
घुण्डु तका कुर्त्ता तौंका,
हुयाँ रौंदा सुदि पर्वाँण।

Nakali Thyagdar नकली ठ्यग्दार
छाला बाघम्बरि कैकि पैरीं,
कैका जाळिदार ट्वपला छन।
आम डाळि बँच्यदा जब,
ह्वंदि तब कौवू पच्छ्याँण।
स्वौना-चँद्या भंडु पर खाँदा,
तौं से बड़ा बल धर्मज्ञाता नी।
च्यौला-चाँठा खुट्टा दबौंदा,
जमीन-जैजादै छ्वीं क्य लाँण।
करोड़ू मा छन कारोबार तौंका,
धरम का सि ब्यौपारी छन।
यका-हैका लड़ौंदा आपस मा,
तब जाँदा ल्वै मिलीं रोटी खाँण।
टी0बी0 चैनलू मा भट्याँदा सि,
गाळि-मैकि बरखौंणा रौंदा खूब।
खन्द्यौर छन यखु तौल्या सभि,
भैर लग्याँ जनता तैं ठगाँण।
मंदिर-मस्जिदा नौं पर रोटि चल्दि,
बिना करम कर्यां स्यौठ बण्याँ।
नौन्याळ अपड़ा बिदेशू पण्णाँ,
लुकारा नौंनू कि लूटणाँ धाँण।
यका-हैके मदद कना रा भयौं,
यूँका भकळौंण मा औंण नी।
यूँ तैं प्यारि अपड़ि ठ्यग्दारि,
हम जना लैबरू नी च गाँण।
भैरा छिलकू पर ध्यान न द्या,
कोशिश मिट्ठू फल पौंणै करा।
ऐंच-ऐंच ना अळ्यौख भुला,
गैराई मा उतरी तैं मोती छाँण।
धरम गुरु गिन्त्या द्वी-चार छन,
मनख्याता जु सच्चा पुजारि छन।
ज्यूँदा यूँकै परताप ईमान,धरम,
हौर त कना खालि खैंचताँण।
सर्वाधिकार सुरक्षित-नन्दन राणा

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