Jay Mata Di जय माता दी

शीर्षक-“जय माता दी”

Jay Mata Di जय माता दी
Garh-Kumao Maa Kalinka Mandir 

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आज से माता रानी के, दिन आ गए खास,
चलो चलें मंदिर भक्तों, माता रानी के पास,
सच्चे दिल से, माँ की पूजा-अर्चना करेंगे,
तो जरूर पूरी होगी, आपके मन की आस,
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माता इस नवरात्रि, नौका में सवार होकर आयेंगी,
अपने भक्तों के लिए, ढेरों खुशियां संजोकर लायेंगी,
आज से पूरे नौ दिनों तक, माँ भवानी, माँ शेरोंवाली,
सिर्फ अपने भक्तों के हाथों, जल पियेंगी, अन्न खायेंगी,
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माँ उसी को दर्शन देती, जिसके दिल में सच्ची श्रद्धा, भक्ति है,
माँ मेरी अम्बे रानी जी, नौ रूपों की बनी एक अदभूत शक्ति है,
माता रानी की बनाई यह सारी सृष्टि, जिनके हम सब सन्तान,
माँ का सुन्दर वर्णन प्रिय भक्तों, कवि सतीश की अभिव्यक्ति है,
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साफ एवं स्वच्छ रखो भक्तों, सदैव आप अपना तन, व्यवहार,
नवरात्रि में ही नही, हमेशा खाओ-पियो शुद्ध शाकाहारी आहार,
इन्हीं सुन्दर पंक्तियों के साथ, आपको मेरा जय माता दी भक्तों,
आपको ओर आपके परिवार को मुबारक, नवरात्रि का त्यौहार.
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कवि- सतीश सिंह बिष्ट, “पहाड़ी”,
ग्राम- नैखाणा, (नैनीडांडा, धुमाकोट),
जिला- पौड़ी गढ़वाल,
राज्य- उत्तराखंड।
मोबाइल- 09971105748

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